Kutch Diaries 2014 !

Memories that live forever !!

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Using this poem from movie Udaan again to express the idea and thought behind the picture.

छोटी छोटी चित्रायी यादें
बिछी हुई है लम्हों की lawn पर
नन्गे पाओ उन पर चलते चलते
इतनी दूर चले आये
की अब भूल गए है जूते कहा उतारे थे !!

एडी कोमल थी जब आये थे
थोड़ी सी नाज़ुक है अब भी
और नाज़ुक ही रहेगी
इन खट्टी मीठी यादों की शरारत
जब तक इन्हें गुदगुदाती रहे !!

सच, भूल गए है
की जूते कहा उतारे थे
पर लगता है अब उनकी जरुरत नहीं !!